श्री हनुमान जन्मोत्सव –
  • दिनांक 29 मार्च से 2 अप्रैल 2026: इस वर्ष परमपूज्य पद्मविभूषित, धर्मचक्रवर्ती, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के पावन मुखारविंद से भव्य श्री रामकथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है।

  • मंगलवार, 31 मार्च 2026: श्री रसराज जी महाराज की वाणी से पावन सुंदरकाण्ड पाठ, जहाँ शब्द नहीं, हनुमत कृपा बोलती है ।

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चमत्कारिक श्री हनुमान जी की चरणों में—जामसावली में अद्भुत अनुभूति आपका इंतज़ार कर रही है।

अपनी सेवा अर्पित करें, और दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें।

हर दान से बढ़ता है आपका कदम श्री हनुमान जी की कृपा की ओर।

Bhakt Niwas

भक्त निवास – श्रद्धालुओं के लिए अब उपलब्ध

चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर, जामसांवली में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भक्त निवास में शांत एवं सुविधाजनक प्रवास का अनुभव करें।
📌बुकिंग की सुविधा सीधे मंदिर के बुकिंग काउंटर पर उपलब्ध है।

दैनिक समय-सारणी

मंदिर दर्शन समय व अनुष्ठान

प्रत्येक दिन की पूजा और अर्पण का आध्यात्मिक अनुक्रम जानिए।


कार्यक्रमसमय
मंदिर खुलने का समयप्रातः 04:00 बजे
श्री हनुमान जी का विशेष अभिषेकप्रातः 05:30 से 06:00 बजे तक
आरती एवं दर्शनप्रातः 05:30 से 06:00 बजे तक
भोग अर्पणदोपहर 12:00 से 12:15 बजे तक
संध्या आरती (सूर्यास्त पर आधारित)सूर्यास्त के अनुसार
मंदिर बंद होने का समयरात्रि 09:00 बजे

टिप्पणी: भोग अर्पण के समय मंदिर पूर्णतः बंद रहता है।

Events | कार्यक्रम

फोटो गैलरी

चमत्कारिक श्री हनुमान जी की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों की विशाल गैलरी देखें।

आभासी दर्शन

एक दिव्य झलक

हमारे विशेष क्षणों को देखें और मंदिर की आध्यात्मिक आभा का अनुभव करें।
🙏 कभी भी, कहीं भी – श्री हनुमान जी से जुड़ें!

सेवा और परोपकार

परोपकारी गतिविधियाँ

चमत्कारिक हनुमान मंदिर संस्था कई परोपकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है। इनमें से कुछ विवरण नीचे प्रस्तुत हैं।

चिकित्सा सेवाओं के लिए सहयोग

प्रशिक्षण शिविर

पढ़ाई से जुड़ी सहायता और पुस्तकालय सेवाएं

मानसिक और शारीरिक कल्याण कार्यक्रम

TESTIMONIALS

स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज

धर्म शास्त्रानुसार जीवन जीने, श्रीराम भक्ति और धर्माचरण द्वारा मानव जीवन को मार्गदर्शित करता है।

पूज्य गुरुदेव श्रद्धेय विवेक जी

आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत अनुशासन, विनम्रता और ईश्वर में अटूट श्रद्धा से होती है।

ह.भ.प. प्रा. नीलेश बुटे गुरुजी, आळंदी

नामस्मरण, कीर्तन और धर्माचरण से हृदय शुद्ध होता है और समाज का उत्थान होता है।

श्री विष्णु शंकर जैन

संवैधानिक मार्ग से धर्म की रक्षा करना समाज में न्याय और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करता है।

महंत श्री मंगलदास त्यागी जी महाराज

त्याग और सेवा का समन्वय ही सच्चे आध्यात्मिक जागरण का मार्ग है।

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